पारकर के सोढाओ की कीर्ति,,,,,,चंदन गढ चावो कीयो,जोधे मचायो जंग।लडयो साथ कल्यांण रो ऊवां राजपुताना ने रंग।।।रंग कला रंग महासिंगा रंग सघऴी रेहाण,रंग काऴुंझर रा डुंगरा तने रंग हो सोढा ,,,रांण,,,।।कले चडे होंकर करी ,वजी हांक वीराण ,गऴीये पड़ी तरवट गयो ,मेल फिरंगी माण।।,,,काऴुंझर,,,अंजस करें ,अंजसे गढ,,,, अमराण,,,आप तणी धरा ऊजऴी कीधी तें कल्याण।।।।,,,करण,,,वीज ज्युं काटके ,जग दढवाई जोवाण,जाडां थलां मां झींकली ,रंग हो सोढा रांण।।।।भुरां दऴ भांजे ,गांजे प्रसाणा जीत गढ,महिपत खग भांजे ,,,पारकरो,,,,रण पोढयो ,, मान मरजाद सिरमोड ,धरती चांवा धींग,जश गीत रहया जुगाजुग रंग कला महासिंह।।।जे महासिंग कले जितां,मर्द सुनंदा धरमांय ,तो फिरतो नहीं मुल्क पारकर मांय।।।मुल्क में कला महासिंह भलां जनमिया भूप,फिरंगी उपाय उपनया उमा रजवट अनूप।।।मरया नहीं माणीगर कीधा करोड़ काज, स्वतंत्रता ये तमर में अंजशे आज।।।भोदेसर जे भर में हिन्दू रहन था लख हजार,पण कलजी जेहडो कोन थियो ,जे तरवट हां कै तकरार।।।राजन अदको राणपुर,राण अचलसिंग रंग, भ्रात बंक भोदेसरा रा ,वरवणो धन कवीयंग।।।,,काऴुभा,,हिर ने कहुं ,रोज प्रभाते रंग,हिर सुतन रतनेस हर ,सह विधी विधया सुजान।,,,अलजी,,,सोढा रंग अपु,बिल्ध भाग्य लखाण ,बके बताई वीरता ,तरवट से खग ताण,भुरार दऴ भांजीया,कहुं रंग कल्यांण।। कट मूआ कल्यांण सत ,रजपुतां उण रंग,कोऴी संग कल्यांण ये ,कटरण आया काम।।।गंभीरसिह जसुभा गणां,तीनों भड तरसींग,वाऴयो वेर माना वंका राणजी आदी रंग।।। परगटिया धर पारकर रज पराक्रमी राण जिको धरा काज झुझिया सो धरती सोढाण रजवाडी सो रूतबो अमट रहयो अमराण पाघ अनमी पारकरा सो धरती सोढाण बाय नेतसिंह सोढा राजपूत क्षत्रिय मुंबई 🙏

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