धरा सुरंगी धाट,,,,,,नेतसिह महासिंह जी सोढा,,,,,,,
आथूण री धरा में ,,,,,धरा सुरंगी धाट,,,,आपरी उदारता अर मिनखपणै रै पांण
चावी है,
इण धरा री राजधानी ,,,, अमरकोट,,,नै प्रसिद्ध कवि,,,,तेजसी सादू भदोरा,,,,
अमरावती री उपमा देतां लिखियो है,,,,
अमरांणो अमरावती,धरा सुरंगी धाट
राजै सोढा राजवी पह परमारां पाट।।
सोढां आपरी दानशीलता अर मोटै मन रै पांण काव्य में सदैव माण पावता रहता है,
,,,,तेजसी सादू रे आखरां में ,,,,कीरत वरीयां काहला,दत वरीयां दोढाह,
परणिजै सारी प्रथि ( पण) गाईजै सोढाह।।
इणी ,,,,सोढां रै पाटवी ,,, राणा ,,,जैभ्रम,,,,ने १२९१ वि, में झंफ देथा नै ,,,,खारोडा,,, गांव री जागीर अर राणा री पदवी देय आध बधायो,,,,
बारै सै इकराणवै ,,,बारै गांव ब्रवीस
राणा पदवी रेणवां,सोढां की बगसीस,,,,,,बाय नेतसिंह सोढा,,,

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