Friday, 23 April 2021

Ramsingh sodha

 सूरत से किरत बड़ी बिनां पंख उड़ जात सूरत तो जाती रहे पण किरत कबहू न जात,,,,,

कोट खिसै देवऴ दिगै विख ईधण हो जाय जश रा आखर जेहिया जातां जुगां न जाय,,,,

स्व श्री एडवोकेट रामसिंह राणसिह जी समेऴसिहजी सोढा साहब जूना गांव,,,,आरोखी,,,मालदेव,,,, सोढा,,,, नखतराणा कच्छ,,,, गुजरात

एक सेवाभावी छबि ओर उदार सोच के धनी थे,,,,, मिलनसार स्वभाव, उच्च विचार

अपनापन, छोटे से छोटे आदमी को भी इज्जत देना, समाज सेवा में हमेशा आगे आना, असहाय को सहायता करना ऐसे नेक दिल वाले क्षत्रिय को दिल से सत् सत् नमन करते हैं,,,,,,,,वीर भोग्या वसुंधरा,,,,,,,,,,,,,,,


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